बालोद: – छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए और सामाजिक दायित्वों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ज़मीन पर उतारते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमेन माननीय तोमन साहू ने ग्राम गोड़पाल स्थित धान उपार्जन केंद्र का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की, किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के समय किसानों ने उपार्जन प्रक्रिया में आ रही देरी, प्रतिदिन की सीमित खरीदी क्षमता और तकनीकी अड़चनों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। साहू ने पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों की बात सुनी और संबंधित केंद्र प्रभारी एवं अधिकृत अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्थाएं व्यवहारिक रूप में दिखाई दें, न कि केवल कागज़ी औपचारिकता बनकर रह जाएं।धान उपार्जन की गति को तेज़ करने के उद्देश्य से श्री साहू ने प्रतिदिन खरीदी जाने वाली मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 1200 क्विंटल तक धान खरीदी की क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसे एक-दो दिनों के भीतर लागू किया जाएगा। इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज समय पर बेचने में सुविधा मिलेगी और लंबे इंतज़ार से मुक्ति मिलेगी।इस अवसर पर साहू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के परिश्रम और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदेगी।” उनके इस वक्तव्य से किसानों में भरोसे का संचार हुआ और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।
निरीक्षण के दौरान टोकन व्यवस्था में किए गए सुधारों को लेकर भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। विष्णुदेव साय सरकार द्वारा टोकन की सीमा समाप्त कर 24 घंटे टोकन जारी करने की व्यवस्था लागू किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसानों ने कहा कि इस व्यवस्था से भीड़भाड़ कम हुई है और उन्हें समय पर अपनी बारी मिल रही है। इसके लिए किसानों ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि बारदाना उपलब्धता, तौल प्रक्रिया, नमी जांच और परिवहन जैसी सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपार्जन केंद्र किसान के आत्मसम्मान से जुड़ा स्थान है, जहां किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, केंद्र कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लिए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का इस प्रकार खेत-खलिहान और उपार्जन केंद्रों तक पहुंचना ही वास्तविक जनसेवा है।समग्र रूप से यह निरीक्षण केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि किसान हित में ठोस हस्तक्षेप के रूप में सामने आया। जोशीले नेतृत्व, स्पष्ट निर्णय और सामाजिक सरोकारों से जुड़े दृष्टिकोण के साथ तोमन साहू ने यह संदेश दिया कि जब जनप्रतिनिधि ज़मीन से जुड़कर कार्य करते हैं, तब नीतियों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचता है और खेती का सम्मान सुरक्षित रहता है।



